पहला अशरा मुकम्मल दूसरे अशरे का पहला रोजा आज

पहला अशरा मुकम्मल दूसरे अशरे का पहला रोजा आज

बिलारी। मुकद्दस माहे रमजान में तीन अशरे होते हैं। पहला अशरा रहमत का पूरा हो चुका है और दूसरा अशरा बरकत का पहला रोजा आज शुरू हो चुका है। इसके बाद तीसरा अशरा मगफिरत यानी दोजख से निजात का होगा। सभी जगह मोमिन रोजा रखकर खुदा की इबादत में मशगूल नजर आ रहे हैं। मस्जिदों में नमाजियों की संख्या में भी वृद्धि देखी जा रही है।

गुरुवार को मुकद्दस माहे रमजान का पहला अशरा मुकम्मल हो गया। जिसमें मोमिनो ने रोजे रखकर खुदा की इबादत की और लगातार अपने रब को राजी करने में इबादत करने में मशगूल हैं। बताते चलें कि रोजा एक ऐसी इबादत है। जिसका इनाम अल्लाह ताला खुद अता फरमाएगा। उलेमा फरमाते हैं की जन्नत के आठ दरवाजे में एक दरवाजे का नाम रैयान है। जिसमें सिर्फ रोजेदार ही गुजरेंगे और दूसरा कोई नहीं गुजरेगा। सभी इबादतों का बदला गुनाहों में तब्दील हो सकता है लेकिन रोजा एक ऐसी इबादत है जो किसी गुनाह के बदले इसका अज्र नहीं दिया जा सकता। इसी के चलते रोजेदार रोजा रखकर अपने रब को राजी करने में लगे हैं। मुकद्दस माहे रमजान में पढ़ी जाने वाली ईशा की नमाज के बाद अतिरिक्त नमाज तरावीह में कुरान की तिलावत की जा रही है। जिसको मस्जिदों में बड़े शौक के साथ सुना जा रहा है।.... रिपोर्ट वारिस पाशा जनता की आवाज से बिलारी मुरादाबाद

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