अखिलेश को लखनऊ में रोका गया, प्रयागराज में सपाइयों ने किया विरोध व तोड़फोड़

अखिलेश को लखनऊ में रोका गया, प्रयागराज में सपाइयों ने किया विरोध व तोड़फोड़

प्रयागराज : सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव आखिर प्रयागराज नहीं पहुंचे। उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया। उनके प्रयागराज न आने देने की खबर मिलते ही बमरौली एयरपोर्ट के बाहर सपाइयों ने हंगामा किया। उन्होंने पीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ नारेबाजी की। लक्ष्‍मी टॉकीज के निकट गमलों को तोड़ा गया, कुछ और जगह भी विरोध प्रदर्शन किया गया। वहीं एबीवीपी ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव का पुतला दहन करने की कोशिश की जिसे पुलिस व प्रशासन ने रोका। अब समाजवादी छात्र सभा के साथ सांसद धर्मेंद्र यादव शांति मार्च निकाल रहे हैं। टकराव की आशंका को देखते हुए फोर्स तैनात है।

इविवि के कार्यक्रम में शामिल होने को अडिग थे अखिलेश

इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय छात्रसंघ के वार्षिक उत्सव में सूबे के पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर रोक के कारण सियासत गरमा गई है। पहले अखिलेश ने जहां ट्वीट करके हर हाल में आने का इरादा साफ कर दिया था। वहीं पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अखिलेश को विश्वविद्यालय में प्रवेश करने से रोका जाएगा। परिसर में पैरामिलिट्री लगाकर परिसर को छावनी बनाया गया। देर रात तक पुलिस और विवि प्रशासन अखिलेश को रोकने की रणनीति बनाई जाती रही।

अखिलेश ने ट्वीट कर कहा कि बिना किसी लिखित आदेश के एयरपोर्ट पर रोका गया

प्रयागराज में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ शपथ ग्रहण समारोह में जाने की तैयारी में लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर मंगलवार की सुबह पहुंचे अखिलेश यादव को रोक दिया गया। अखिलेश ने ट्वीट किया है कि 'बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया। पूछने पर भी स्थिति साफ करने में अधिकारी विफल रहे। छात्रसंघ कार्यक्रम में जाने से रोकने का एकमात्र मकसद युवाओं के बीच समाजवादी विचारों और आवाज को दबाना है।'

इविवि प्रशासन ने अखिलेश के आने पर लगाई थी रोक

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन में आज सुबह दस बजे से वार्षिकोत्सव का कार्यक्रम होना सुनिश्चित हुआ था। इसमें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया था। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने आपत्ति जताते हुए रोक लगा दी थी। किसी राजनीतिक व्यक्ति को प्रवेश न दिए जाने के लिए विवि प्रशासन ने पुुलिस प्रशासन को पत्र भेजा था। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने अखिलेश का प्रवेश रोकने के लिए इंतजाम कर लिए थे। इस बीच विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने अखिलेश के निजी सचिव को पत्र भेजकर कार्यक्रम में उनके प्रवेश की पाबंदी की सूचना दी थी। इसके बाद अखिलेश ने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा कि प्रशासन उन्हें छात्रों से मिलने से नहीं रोक सकता। वह लखनऊ से प्रयागराज के लिए आने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें रोक दिया गया।

ट्वीट से विवि प्रशासन व पुलिस सकते में थी

अखिलेश का यह रुख देख इलाहाबाद विवि प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन तक सकते में आ गए। देर रात तक उन्हें रोके जाने की योजना पर काम चलता रहा। पुलिस ने छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव को नोटिस भी जारी कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नितिन तिवारी ने स्पष्ट कहा था कि विश्वविद्यालय की आपत्ति के बाद पूर्व सीएम का परिसर में प्रवेश रोकेंगे। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा था कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन जैसी मदद की अपेक्षा करेगा, वह की जाएगी।

खुफिया एजेंसियां भी परिसर में सक्रिय

एसपी सिटी ने सीओ व थानेदारों के साथ चर्चा के बाद कहा था कि उपद्रवी छात्रों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाए। खुफिया एजेंसियां भी परिसर व हॉस्टलों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। एजेंसियों ने भी माहौल खराब होने की आशंका जाहिर की है।

छात्रसंघ भवन पर ताला जड़कर किया था हंगामा

अखिलेश यादव के आगमन के विरोध में छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह व अन्य ने सोमवार को छात्रसंघ भवन गेट पर ताला जड़कर हंगामा किया था। एसपी सिटी ब्रजेश श्रीवास्तव ने वहां पहुंचकर छात्रसंघ भवन के भीतर खड़े वाहनों और कुछ सामान को बाहर निकलवाया और कानून-व्यवस्था को न बिगाडऩे की चेतावनी दी। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद चंद्र दुबे ने कहा कि छात्रसंघ के वार्षिकोत्सव में जमाने से विभिन्न विचारधाराओं के राजनयिक आते रहे हैं। अखिलेश यादव को युवाओं के कार्यक्रम में आने से रोकना लोकतांत्रिक परंपराओं की हत्या है, छात्रसंघ के पदाधिकारियों के अधिकारों का हनन है।

इविवि छात्रसंघ भवन पर समाजवादी छात्रसभा के लोगों का हुजूम

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर बड़ी संख्या में समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता वह छात्र मौजूद हैं। यूनिवर्सिटी रोड को दोनों तरफ से पुलिस प्रशासन ने बंद कर रखा है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव के लखनऊ में रोके जाने से छात्रों में आक्रोश व्याप्त है।

तमाम रोक के बावजूद सपा से जुड़े नेता और छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव साथियों के साथ वार्षिकोत्सव की तैयारी में जुटे रहे। हालांकि पूर्व सीएम अखिलेश यादव के न आने से छात्रों और छात्रनेताओं को मायूसी हुई थी। हालांकि छात्रों के बीच सांसद धर्मेंद्र यादव आ चुके हैं। धर्मेंद्र ने सबसे पहले लाल पद्मधर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। छात्रसंघ भवन पर आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करेंगे। इसके बाद छात्रों ने जुलूस निकालने का निर्णय लिया है। सांसद धर्मेंद्र यादव के छात्रसंघ भवन पर पहुंचने के बाद समाजवादी पार्टी और समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं में गजब का जोश है।

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