मूर्तिभंजकों की 'देश में एक नई नस्ल आ गई'

मूर्तिभंजकों की देश में एक नई नस्ल आ गई

मूर्ति की राजनीति करने वालों और मूर्तिभंजकों को लेकर शिवपाल सिंह यादव ने ट्विटर पर अपना रिएक्शन दिया है। सपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि -
दुःखद है कि अचानक से देश में मूर्तिभंजकों की एक नई नस्ल आ गई है।लेनिन से शुरू हुआ सिलसिला पेरियार,अम्बेडकर व श्यामा प्रसाद मुखर्जी तक आ पहुंचा है। विविधता से भरे समाज के बतौर हमारा लोकतंत्र सौंदर्य से भरा हुआ है,ऐसे में जरूरी है कि असहिष्णुता के लिए समाज में कहीं कोई जगह न हो। केवल यही नहीं शिवपाल ने अपने इन बयानों के माध्यम से भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश भी की है। दो दिन पहले पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव में वामदल (सीपीएम) की हार के बाद राजधानी अगरतला से महज़ 90 किलोमीटर दूर बेलोनिया के सेंटर ऑफ़ कॉलेज स्कॉयर में रूसी क्रांति के नायक और वामदल विचारधारा के प्रतीक व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को 'भारत माता की जय' नारे लगाती भीड़ ने जेसीबी मशीन से गिरा दिया।
इस घटना के बाद से देश के कई इलाकों से मूर्तियों के तोड़े जाने या उन्हें नुकसान पहुंचाए जाने की ख़बर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश के मेरठ का है जहां भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाये जाने की ख़बर है। इसके बाद श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर कालिख पोती गई यही नहीं पेरियार की मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया।

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