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"व्यंग ही व्यंग" - Page 2

  • गिर गया स्तर !

    गिर गया स्तर !धूमिल हुआ विचार ।गिर गया स्तर ।।राजनीतिक बयान ।चुभो रहे नश्तर ।।ग़लत बयानबाज़ी ।लगती गरिमा ठेस ।।हट चुका पर्दा ।क्या रहा शेष ?फ़ेहरिस्त लंबी ।लें अब किसका नाम ?जल्दबाज़ी सबको ।पहुँचना मुक़ाम ।।देश का दुर्भाग्य ।छाए ये जननायक ।।जनता को सलाम ।झेलते हम लायक ।।कृष्णेन्द्र रायKrishnendra...

  • बुद्धिजीवी होकर ....दलील दे रहीं हैं बेकार

    अरुंधती रॉय का ।बेतूका बयान ।।सम्मानित बुकर पुरस्कार ।दलील दे रहीं हैं बेकार ।।बुद्धिजीवी होकर । बाँट रही हैं ज्ञान ।।बताये पांच नाम ।कर रही हैं बदनाम ।।एनपीआर डेटा ।मांगने पर अपना ।। रंगा-बिल्ला बताओ ।अपना तुम नाम ।।मत उकसाओ ।आग न लगाओ ।।करों ना गुमराह ।सच भी दो बता ।।............अभय...

  • 'केक' की उत्पत्ति, उद्भव सम्बन्धी न तो कोई प्रमाणिक सूचना...

    तमाम खोजबीन के बाद 'केक' की उत्पत्ति, उद्भव सम्बन्धी न तो कोई प्रमाणिक सूचना मिली न ही साक्ष्य. बाबजूद इसके यह नामुराद प्रत्येक घरों में बच्चों के जन्मदिवस, मातापिता के सालगिरह यहाँ तक की बुजुर्गों के जन्मोत्सव में भी मोमबत्ती के नीचे हमें मुंह चिढ़ाता दिख जाता है.फेसबुक का सिपाही हूँ एवं विगत पांच...

  • सीएबी/सीएए के बारें में नहीं पता सच्चाई ....

    विपक्षी हताश ।जमीन रहें तलाश ।।जनता को दिया भड़का ।आग दिया लगवा ।।इनके इरादे को ।करना होगा पर्दाफाश ।।सीएबी/सीएए के बारें ।में नहीं पता सच्चाई ।।मौकापरस्त नेता ।खोद रहे हैं खाई ।।सेंक रहे हैं रोटिया ।राजनीति के आड़ में ।।मचा रहे हैं उत्पात ।गुंडों की आड़ में ।।

  • काफिरिस्तान के काफिर....

    काफिरिस्तान का नाम सुने हैं? पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर एक छोटा सा इलाका है यह। बड़ा ही महत्वपूर्ण क्षेत्र! जानते हैं क्यों? क्योंकि आज से सवा सौ वर्ष पूर्व तक वहाँ विश्व की सबसे प्राचीन परंपरा को मानने वाले लोग बसते थे। रुकिए! हिन्दू ही थे वे, पर हमसे थोड़े अलग थे। विशुद्ध वैदिक...

  • तोड़-फोड आगजनी ....कर रहे हैं सरेआम ...कौन है इसके पीछे ?

    दिल्ली सरकार ।क्यों है लाचार ?देखकर उत्पात ।क्यों बनी असहाय ?सीएबी के आड़ में ।कानून गया भाड़ में ।।पहन कर नकाब ।पीछे कौन है जनाब ?आरोप- प्रत्यारोप ।दौर है जारी ।।बोले सिसौदिया ।पुलिस दे रही संरक्षण ।।पढने-लिखने वाले ।ऐसा न करते काम ।।तोड़-फोड आगजनी । कर रहे हैं सरेआम ।। कौन है इसके पीछे ?उजागर...

  • मोदी जी गिर गए? ...असँख्य लोगों की आशाएँ नहीं गिरी जिनकी अंतिम उम्मीद का नाम मोदी है

    कोई बात नहीं। देह ही गिरी है न? बूढ़े हो रहे हैं, शरीर तो अब लड़खड़ायेगा ही! शरीर हजार बार गिरे तब भी कोई दिक्कत नहीं, बस विचार नहीं गिरने चाहिए। सुनिए मोदी काका! आप गिरें तो गिरें, इस देश के उन असँख्य लोगों की आशाएँ नहीं गिरनी चाहिए, जिनकी अंतिम उम्मीद का नाम मोदी है। 1947 में धार्मिक आधार पर हुए...

  • राहुल के बयान ...रेप इन इंडिया पर मचा घमासान : अभय सिंह

    राहुल गांधी का ।बेतूका बयान ।।मेकइन इंडिया ।था जो नारा ।।रेपइन इंडिया का ।तंज दे मारा ।।संसद भवन में ।मचा घमासान ।।करते नहीं महिलाओं ।के वो सम्मान ।।महिला सांसदों ने ।अख्तियार किया रुप ।।माफ़ी जब तक न ।माँगेंगे तब तक ।।हम सब बैठेंगे ।ना चुप ।।

  • विपक्षी हो ...गये चित ...पास हो गया बिल : अभय सिंह

    बिल लटकाने की ।कोशिश हुई फेल ।।अग्नि परीक्षा में ।सरकार हुई पास ।।आज का दिन है खास ।रच दिया इतिहास ।।लाखों लोगों की ।उम्मीदें होंगेपूरी ।।सपनें होंगे पूरे ।जो थे अधूरे ।।बौखलाई कांग्रेस ।बोली काला दिन ।।सारे विपक्षी हो ।गये चारों खाने चित ।।पास हो गया बिल ।हो रहा है स्वागत ।।मिलेगा...

  • नागरिकता बिल पर जेडीयू में दो फाड़... अभय सिंह

    जेडीयू में दो फाड़ ।ठन गया है रार ।।पहले प्रशांत अब ।वर्मा भी आये साथ ।। पार्टी लाईन से ।अलग पकड़ी राह ।।दिया सुझाव ।करें पुनर्विचार ।।नागरिकता बिल को ।बताया भेदभावपूर्ण ।।अभी भी है समय ।उचित ले निर्णय ।।गाँधीजी होते तो ।इसका करते विरोध ।।

  • मनोहर का बयान ...जल्द आयेंगे साथ

    मनोहर का बयान ।खिंचा सबका ध्यान ।।बीजेपी-शिवसेना ।जल्द आयेंगे साथ ।।दबे जुबान ।उजागर नही पहचान ।।दरअसल यही ।है सच्चाई ।।पार्टी ने बोला ।व्यक्तिगत बयान ।।कर लिया किनारा ।कोई न लेना देना ।।हो गया है आभास ।अलग होने के प्रयास ।।दे रही शिवसेना ।सरकार के साथ ।।............अभय सिंह

  • 43 मौतों के कौन जिम्मेदार ?

    43 मौत के ।कौन जिम्मेदार ?गहरी नींद में ।थम गई सांस ।।शर्ट-सर्किट से ।चली गई जान ।।लचर व्यवस्था।खुल गई पोल ।।न जाने कितने का ।उजड़ गया संसार ।।चौतरफ़ा मच गया ।है हाहाकार ।।दिख रही लापरवाही ।व्यवस्था बेकार ।।हादसा उपकार ।खोया था परिवार ।।ना लिया सीख ।सिस्टम ना ठीक ।।................अभय सिंह

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