Read latest updates about "भोजपुरी कहानिया" - Page 1

  • गुड्डू भैया, अतुल बाबू और UPSC - अभिषेक आर्यन

    पसीना से ओवरलोडेड गुड्डू भैया रोटी बेल रहे हैं...ऐसा लग रहा है जैसे आस्ट्रेलिया महाद्वीप का नक्शा उभर आया हो।इधर अतुल बाबू अपना चाइना मोबाइल में गाना बजाते हैं...'मेरा दिल भी कितना पागल है कि प्यार तो तुमसे करता है' तभी गुड्डू भैया ठेहुना से नाक का पसीना पोछते हुए कहते हैं 'अतुल बाबू आप...

  • गंगा ..---------------भाग 2....सर्वेश तिवारी श्रीमुख

    सारंडा के घने जङ्गल के बीच मे एक बड़ा सा मकान था। मकान कुछ इस प्रकार बना था कि इसका आधा हिस्सा जमीन के नीचे था। जमीन से ऊपर चार पाँच फ़ीट हिस्सा ही दिखाई देता था। उसपर भी अनेकों लताएं चढ़ी हुई थीं और दीवाल से सट कर झाड़ियां उगी हुई थीं। कुल मिला कर यह एक ऐसा घर था जो दूर से दिखाई नहीं देता था। यह...

  • "गङ्गा"......... सर्वेश तिवारी श्रीमुख

    जून का महीना, दोपहर का समय। धूप इतनी कि जैसे आग बरस रही हो। इसी धूप में एक पुरानी सी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पचासी- नब्बे की स्पीड में दौड़ती जा रही थी। सवार के चेहरे पर बेचैनी साफ झलक रही थी। उसे देख कर लगता था जैसे वह किसी बड़े संकट में है और जल्द से जल्द कहीं पहुँचना चाहता है। वह गाड़ी ऐसे चला रहा था...

  • लगन स्पेशल----- परछावन (हास्य)

    पिछले महीने से ही दुर्गेश बाबू धूप से भसुर की तरह बच रहे थे। सनक्रीम से लेकर गुलाबजल , ककड़ी, मलाई शायदे कुछ बचा हो जो रंग चमकाने के लिये प्रयोग न किये हों। किसी भी कीमत पर मूल रंग से छेड़छाड़ गवारा नहीं था उनको! लेकिन ऐन वक्त पर ऐसा फंसे बाबू की पूछिए मत ! एकदम खड़ी दोपहरिया में पंडित जी ने परछावनन का...

  • सरसो के फूलों पर बैठ कर आता है वसन्त!

    सरसो के फूल देख कर आपको हाथ में मेंहदी का रङ्ग और देह पर पीली चुनरी ओढ़े किसी नव-विवाहिता स्त्री का स्मरण नहीं हो आता? सरसो का पौधा जब अपने मुँह में फूल उठाता है न, तब पूरी प्रकृति महकने लगती है। ठीक वैसे ही, जैसे घर मे आई नई कनिया का पीला सिंदूर पूरे घर मे महक उठता है... हवा से सरसराती पत्तियां,...

  • बड़के नेता जी ने छोटके नेता जी को जूते से मारा...

    जनता क्रोध में है। क्रोध करने वाली जनता वही जनता है जिसे नेता जी पिछले बहत्तर वर्षों से जूता मार रहे हैं। जनता अपने ऊपर गिरते जूतों का हिसाब नहीं रखती, वह दूसरों द्वारा तीसरों पर बरसाए जाने वाले जूतों की गति नापती है। लोकतंत्र में जनता कि यही बौद्धिक सीमा तय की गई है, या कहें तो यही उसकी सामर्थ्य...

  • फिर एक कहानी और श्रीमुख "तक्षक"

    प्राचीन भारत का पश्चिमोत्तर सीमांत!मोहम्मद बिन कासिम के आक्रमण से एक चौथाई सदी बीत चुकी थी। तोड़े गए मन्दिरों, मठों और चैत्यों के ध्वंसावशेष अब टीले का रूप ले चुके थे, और उनमे उपजे वन में विषैले जीवोँ का आवास था। यहां के वायुमण्डल में अब भी कासिम की सेना का अत्याचार पसरा था और जैसे बलत्कृता...

  • दगाबाज तोरी बतिया ना मानू रे....

    मैं भारत का इकलौता पुरुष हूँ जो समझ पाया था कि संसद में माननीय राहुल गान्ही जी ने 'आँख' किसको और क्यों मारी थी, पर मैं आज तक यह नहीं समझ पाया कि आँखों को साढ़े चौवालीस डिग्री तिरछा मोड़ कर महान सुंदरी वैजयंती माला ने दिलीप कुमार से उस फिल्म में यह क्यों कहा कि 'दगाबाज तोरी बतिया ना मानूँ रे..' आखिर...

  • कहानी .. सिक्योरिटी गार्ड का चयन और अदम्य धैर्य और अभ्यास का अनूठा उदहारण

    एक बार एक कम्पनी में सिक्योरिटी गार्ड की भर्ती में असफलता उपरांत एक लम्बे, तगड़े व्यक्ति ने चयन प्रक्रिया पर आपत्ति जताई. उसने चयनकर्ता से यह प्रश्न किया कि किस आधार पर आपने अमुक व्यक्ति का चयन किया जबकि मेरे पास सिक्योरिटी गार्ड भर्ती की प्रत्येक अहर्ता एवं योग्यता, अमुक से अधिक है। मेरी लम्बाई...

  • एक पुरानी कथा नये कलेवर में : गधे का भेजा

    जंगल का शेर बूढ़ा हो चला था। अब शरीर में इतनी ताकत न बची थी कि जंगल में उसके पंजों के निशान देखने को मिलते..सो हर वक्त अपनी मांद के सामने ही मिल जाते बूढ़े शेर । दरबार में हाजिरी लगाने वालों में ज्यादातर मक्खियाँ ही उसके सिर के इर्दगिर्द भिनभिनाती मिलतीं। कुछेक जानवर दूर से हालचाल पूछकर उनके अस्तित्व...

  • अकिला फूआएं अपनी उटपटांग सलाहों के लिए जानी जाती हैं तो बबुआ को क्या देगी सलाह

    माओवती फूआ और अकललेस बबुआ बूआ के पति चूंकि फूफा जी ही कहलाते हैं इसलिए हम भोजपुरी भाषी उनकी पत्नी को फूआ ही कहते हैं और फूआओं के इतिहास पर गौर करने से पता चलता है कि प्रसिद्ध फूआओं में 'अकिला फुआ' का नाम भोजपुरी क्षेत्रों में बड़े आदर और सम्मान के साथ लिया जाता है।ये अकिला फूआएं अपनी...

  • हे पँड़ाइन! काहें नही बोल रही हो जी? हेल्लो! ओह! हेल्लो!

    गज़ब बाड़ू ए मेहरारू! मने नही टॉवर है तो छत पे चढ़ जाती। अब टॉवर कमजोर है तो सरकार को दोष मत देना अबकी अंबानी जियो का लहुरा भाई चलाएगा 'जियोह'!दिन भर में केतना बार फ़ोनवे करते है जी एक्को बार नही ढंग से बतिया पाती हो ,अरे महाराज आपन न सही बाल बच्चा लोग का खबर तो देइये दिया करो बता दे रहें है। ...

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