संवत् २०७६ पारिधावी 6 अप्रैल 2019 से 24 मार्च 2020 तक का फल।। पण्डित अनन्त पाठक

संवत् २०७६ पारिधावी 6 अप्रैल 2019 से 24 मार्च 2020 तक का फल।। पण्डित अनन्त पाठक

श्री गणेशाय नमः

औम् विश्वानि देव सवितर्दुरितानि परासुव ।

यद् भद्रं तन्न आसुव।।

काशीशं गणनायकं सुरगुरुं देवीं तथा श्रीपतिं।

स्तुत्वा वायुसुतं सभक्ति मनसा ध्यात्वा च नत्वा गुरुम्।।

स्वर्गीयं पितरं नमामि विवुधं श्रीजीवनाथं हितम्।

नित्यं लोकहिताय यस्य कृपया पञ्चाङ्ग मातन्यते।।


सतयूग का मान -१७,२८००० सत्रह लाख अट्ठाइस हजार वर्ष

त्रेतायुग का मान -१२,९६००० बारह लाख छीयान्नबे हजार वर्ष

द्वापरयुग का मान -८,६४००० आठ लाख चौंसठ हजार वर्ष

कलयुग का मान -४,३२००० चार लाख बत्तीस हजार वर्ष

(ब्यतीत वर्ष)

कल्प आरम्भ से -१,९५,५८,८५१२० एक अरब पंच्चानबे करोड़ अट्ठावन लाख पच्चासी हजार एक सौ बीस वर्ष

कलयुग आरम्भ से -५१२० पांच हजार एक सौ बीस वर्ष

श्री विक्रमादित्य के सासन काल से -२०७६ वां वर्ष परिधावी नाम का संवत्सर 6 अप्रैल 2019 शनिवार को प्रारम्भ हो जाएगा ।।

इस वर्ष आकाशीय ग्रह समिति वा सभासदों की टोली में राजा तथा दुर्गेश, फलेश तथा मेघेश का पद सूर्य पुत्र श्री शनि महाराज को प्राप्त हुआ है

मंत्री पद श्री सूर्य को प्राप्त है

दश विभाग में राजा मंत्री के साथ ६ विभाग पाप वा क्रूर ग्रहों को ४ विभाग शुभ ग्रहों को प्राप्त हुआ है।।

राजा - शनि, फल- वर्षा में कमी जनता रोग से पीड़ित प्रशासकों में वादविवाद, चोरों का आतंक, लोग भूख से पीड़ित होंगे।

मंत्री- सूर्य , फल- जनता को सासक वर्ग से रोग से तथा चोरों से भय पृथ्वी पर प्रचुर अन्न का उत्पादन तथा रस पदार्थ सस्ते होंगे।

सस्येश - बुध, फल- मेघ अधिक वर्षा करने वाले होंगे जनता सुख समृद्ध से युक्त द्विज लोग शांति से पूजा पाठ में तत्पर रहेंगे।

दुर्गेश - शनि, फल- सभी देशों में विग्रह तथा लोगों में व्यग्रता वा नागरिकों में वैर भाव तथा कृषि पदार्थो का आभाव होगा

धनेश - मंगल, फल- काले पदार्थो का भाव महंगा होगा शरद ऋतु में सूखा तथा भूसी वाले अन्न का नास सभी देशों के लोग अशांत तथा शासक लोग जनता को कष्ट देने वाले होंगे।

रसेश- शुक्र, फल - अच्छी वृष्टि से जनता प्रसन्न एवं सुख समृद्धि से होगी।

धान्येश - चन्द्र, फल- पृथ्वी जल से परिपूर्ण, सभी फसलों में वृद्धि, संसार में विविध प्रकार के उत्सव होते हैं।

नीरसेश - बुध, फल- चित्र वस्त्र शंख, तथा चंदन महंगे होंगे।

फलेश - शनि, फल- फल फूल तथा वृक्षों के लिए लड़ाई झगडे , मनुष्यों ताथा चोरों से द्विजों को कष्ट तथा जनपदों में जन समूह व्याकुल रहेगा।

मेघेश- शनि, फल- पृथ्वी पर थोड़ी वर्षा राजा लोगों के मन में संताप तथा जनता विविध रोगों से पीड़ित रहेगी।

रोहणी निवास-( समुद्र में) फल -अधिक वर्षा होती है।।

संवत्सर निवास- (माली के घर) फल- वस्तुएं सस्ती होती हैं।।

समय वाहन - (घोड़ा )फल- भूकंप, उत्पात, महाभय , राजाओं से युद्ध तथा वर्षा की कमी होती है।।

आद्रा नक्षत्र प्रवेश फल - षष्ठी तिथि में होने से धन धान्य समृद्धि से परिपूर्ण परंतु शनिवार का दिन सतभिषा नक्षत्र होने से मंद फल होता है।।

देस के कुछ भाग में अधिक वर्षा तथा कुछ भाग में सूखा होने का योग बनता है।।

सामान्य वर्ष फल - इस वर्ष चोर डाकुओं, अराजक तत्वों उग्रवादियों नक्सलियों का वर्चस्व रहेगा अपहरण फिरौती तथा जान तक को खतरा तथा जनता त्राहि त्राहि करेगी उनकी सुनने वाला आंख मूद कर बैठा रहेगा वर्षा रितु में बरसने वाले बादलों को हवाएं उड़ा ले जायेंगी कुंवा नदी तालाब झीलें सुख जाएंगी कहीं कहीं पानी की कमी होगी भू जल का स्तर कम हो जाएगा विचित्र तरह के बुखार वा बीमारी से जनता परेशान होगी कुछ खास स्थानों पर रिकार्ड तोड़ तापमान होगा इस वर्ष दैवी प्राकृतिक आपदा होने के भी संकेत हैं दिसंबर के आखिरी जनवरी के प्रथम में ६ ग्रहों का इकट्ठा होना विश्व के लिए अशुभ सूचक है बड़े युद्ध जैसी परिस्थितियां या बड़ा भूकंप कोई प्राकृतिक दुर्घटना जन धन को हानि पहुंचा सकती है राजनेताओं तथा नौकरशाही का आपसी रिश्ता विगडेगा जिसका नुकसान जनता को भुगतना पड़ेगा देश के अंदर भीतर घात की घटनाएं कराएगा महत्वपूर्ण गुप्त सूचनाएं लीक होने से सरकार की किरकिरी होगी एवं छति भी उठानी पड़ेगी पूर्वी राज्यों में कुछ अनुकूल राजनीतिक वातावरण बनाएगा जिससे वहां की जनता को सुविधा होगी देश की उतरी सीमावर्ती क्षेत्रों मे शत्रु की छद्मपूर्ण कार्यवाई से क्षति उठानी पड़ सकती है पश्चिम प्रांतों में सूखा पड़ने से किसानों के सामने समस्याएं खड़ी हो जाएगी बंगाल में विग्रह विरोध जनता में असंतोष फैलेगा दक्षिण के राज्यों में नई बीमारी तथा महामारी की स्थिति बन सकती है अतः राजनीतिक एवं प्रशासनिक समीकरण सही ढंग से अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पायेंगे जिससे राजनैतिक विग्रह एवं दलों में तोड़-फोड़ कर अपना स्वार्थ सिद्ध करने की स्थिति भी आएंगी कुल मिलाकर इस वर्ष दो प्रमुख समस्याएं दिखाई दे रही हैं राजनैतिक प्रशासनिक अस्थिरता एवं देवी प्राकृतिक आपदा की समस्याओं से जनता परेशान रहेगी।।

राशि वा लग्न फल -

मेष राशि वा लग्न वालों का - वर्षारम्भ से 4 नवंबर 2019 तक बृहस्पति अष्टम भाव में होने से बहुत उलझन कार्य प्रारंभ में व्यवधान स्वास्थ्य खराब रहेगा नौकरी में अधिकारियों से तालमेल नहीं रहेगा स्थानांतरण एवं दोषारोपण की स्थिति बन सकती है न्यायालय कार्य में व्यवधान व्यवसाय में घाटा भाइयों से अनबन मित्रों से उदासीनता राहु पूरे वर्ष तृतीय में होने से में कोई काम आकस्मत बना सकता है मान सम्मान बढ़ जाएगा शत्रु चाह कर भी क्षति नहीं पहुंचा पाएंगे। 4 नवंबर से गुरू परिवर्तित होकर सभी कठिनाइयों से छुटकारा दिला देगा नौकरी में उन्नत परीक्षा में सफलता व्यवसाय में लाभ स्वास्थ में सुधार होगा अशुभ परिणाम से बचने के लिए गुरु वार ब्रत गुरु मंत्र का जप वा दान से कष्ट में कमी होगी।।

वृष राशि वा लग्न का - 4 नवंबर 2019 तक गुरुदेव की अनुकूलता से दैनिक जीवन की कठिनाइयों में कमी भौतिक सुख सुविधा का साधन भूमि वाहन मकान का उत्तम सुख विवाह,पुत्र जन्म , मांगलिक कार्य के अवसर प्राप्त होंगे वाणी व्यवहार में बौद्धिक क्षमता का विकास सरकारी एवं न्यायालय संबंधित कार्य में सफलता शनि कि अष्टम ढैया तथा राहु केतु द्वितीय अष्टम में होने से धन की हानि आपसी व्यवहार एवं संबंध तथा साझेदारी के कार्यों में घाटा, बृहस्पति 4 नवंबर से अष्टम में आकर बना बनाया काम बिगाड़ेंगे लड़ाई-झगड़ा तथा स्वास्थ संबंधी परेशानियां आएंगी उपाय में राहु केतु शनि एवं बृहस्पति का जप तथा दान से परेशानियों में कमी आएगी।।

मिथुन राशि वा लग्न वालों का - छठे भाव का गुरु, सप्तम का शनि तथा केतु राशि में गोचर राहु के कारण शत्रु से कष्ट स्थानांतरण न्यायलय व अधिकारियों से विवाद घर बाहर कहीं मन नहीं लगेगा घर परिवार से दूर रहना पड़ेगा यात्रा करनी पड़ेगी पति पत्नी में अनबन या जीवन साथी के स्वास्थ पर असर 4 नवम्बर से बृहस्पति सप्तम भाव में आकर कुछ अच्छा करेगा, उपाय में बृहस्पति ,राहु, केतु अथवा शनि के पूजन जप दान से शांति मिलेगी।।

कर्क राशि वा लग्न वालों का - पंचम भाव का बृहस्पति छठे भाव का शनि, बहुत लाभकारी हैआपके द्वारा उल्लेखनीय कार्य एवम धार्मिक मांगलिक कार्यों के अवसर आएंगे पुत्र जन्म यूएवं कार्यों की सराहना होगी नौकरी में पदोन्नति व वेतन बिद्घि होगी व्यवसाय में बढ़ोतरी होगी शत्रु पराजित होंगे 4 नवम्बर से बृहस्पति छठे होकर मध्यम फल देंगे शनि 23 जनवरी से शनि भी सप्तम में आकर परेशानी करेंगे । उपाय में बृहस्पति अथवा शनि के पूजन जप दान से शांति मिलेगी।।

सिंह राशि वा लग्न वालों को- चतुर्थ भाव का गुरु तथा पंचम का शनि केतु परिवार के सदस्यों के कारण मानसिक व्यथा घर बाहर कहीं भी शांति नहीं मिलेगी आर्थिक स्थिति कमजोर राजकीय एवं न्यायालय से संबंधित परेशानियां संतान से अनबन या संतान को कष्ट एकादश भाव का राहु अचानक कुछ अच्छा करेगा 4 नवंबर से गुरु पंचम भाव में आकर के काम बनाने लगेगा पुत्र जन्म विवाहादि मांगलिक अवसर आएंगे 23 जनवरी से शनि भी अनुकूल हो जाएगा अच्छा रहेगा। अनिष्ट फल से बचने के लिए गुरु ,शनि, केतु की शांति करें।।

कन्या राशि वा लग्न वालों को - तृतीय भाव का गुरु एवं चतुर्थ भाव का शनिवार वा केतु उदासीनता कार्य में विलंब व्यवधान धन संबंधी कमी राजकीय न्यायालय से संबंधित कार्यों में व्यवधान यात्राएं निष्फल उदर (पेट) रोग जमीन संबंधी विवाद।।शनि का उपाय तथा बृहस्पति केतु की शांति से लाभ होगा।।

तुला राशि वा लग्न वालों को - द्वितीय भाव का गुरु तृतीय का शनि केतु होने से सुखद एवं लाल पद प्रतिष्ठा में वृद्धि स्थिर लाभ बाणी व्यवहार में निखार बौद्धिक क्षमता का विस्तार आपके द्वारा उल्लेखनीय कार्य किए जाएंगे घर परिवार का उत्तम सुख प्राप्त होगा विवाह प्रेम संबंधों में सफलता भौतिक सुख सुविधा के साधन जुटेंगे 4 नवंबर से गुरु परिवर्तित होकर के बने बनाए काम बिगड़ने लगेंगे कार्य में विघ्न बाधाएं खड़ी होंगी पद प्रतिष्ठा में कमी आएगी 23 जनवरी से शनि की ढैया भी प्रारंभ हो रही है विपरीत फल कारक होगा।। गुरु और शनि की शांति से लाभ होगा।।

वृश्चिक राशि वा लग्न वालों को- राशि पर गुरु एवं द्वितीय भाव का शनि केतु अष्टम भाव का राहु शारीरिक मानसिक एवं आर्थिक मन व मस्तिष्क पर उदासी शरीर में थकान काम में मन ना लगना पद प्रतिष्ठा में कमी का अनुभव होगा रखे हुए धन के नुकसान पारिवारिक विवाद रहेगा 4 नवंबर से गुरु परिवर्तित होकर अच्छा कराएगा विरोधी पराजित होंगे धनागमन होगा 23 जनवरी से शनि भी परिवर्तित होकर के आपको साढ़ेसाती से मुक्त कर देगा भौतिक सुख सुविधा के संसाधन प्राप्त होने लगेंगे राहु केतु के कारण आर्थिक समस्या कुछ रहे गा अनिष्ट फल से बचने के लिए गुरु , शनि,राहु, केतु की शांति कराएं लाभ होगा।।

धनु राशि वा लग्न वालों को- बारहवें भाव का गुरु एवं राशि पर शनि केतु सप्तम भाव का राहु मध्य की साढ़ेसाती होने से शारीरिक मानसिक परेशानियां अच्छे उद्देश एवं भरपूर प्रयास के बावजूद परिणाम अच्छे नहीं मिलेंगे बार-बार कष्टकर यात्राएं करनी पड़ेगी विश्वसनीय लोगों से धोखा मिल सकता है प्रतिष्ठा में कमी आएगी मन में उच्चाट रहेगा जीवनसाथी के स्वास्थ वा परेशानी के साथ यह वर्ष व्यतीत होगा । गुरु, शनि, राहु, केतु की शांति से परेशानियों में कमी होगी।।

मकर राशि वा लग्न वालों को- वर्षारम्भ से 4 नवंबर तक एकादश भाव का गुरु पद प्रतिष्ठा में लाभ धन संपत्ति स्वास्थ सबके लिए शुभ कारक है विवाह पुत्र जन्म मांगलिक कार्य भी संपन्न होंगे 4 नवंबर से गुरु द्वादश भाव में आएंगे शनि की मध्य साढ़ेसाती 23 जनवरी से प्रारंभ हो जाएगी जिससे अच्छे कार्यों के भी विपरीत परिणाम मिलेंगे परेशानियां घेरने लगेंगी उदर रोग एवं स्वास्थ्य भी अच्छा नहीं रहेगा शनि की शांति तथा जप दान से लाभ मिलेगा।।

कुंभ राशि वा लग्न वालों को-वर्षारम्भ से 4 नवंबर तक दशम भाव का गुरु मध्यम फल कारक है धन संपत्ति की सफलता आधी अधूरी प्राप्त होगी मिश्रित परिणाम मिलेंगे सामाजिक मान सम्मान में कुछ कमी होगी एकादश भाव का सनी आपके उत्साह को बढ़ाएगा हर कार्य बढ़ चढ़ कर करने की प्रगति बनेगी जिससे स्थिर धन संपत्ति का लाभ एवं संसाधन प्राप्त होंगे 4 नवंबर से गुरु भी एकादश भाव में आकर चतुर्दिक लाभ के अवसर प्रदान करेगा 23 जनवरी से साढ़ेसाती प्रारंभ हो जाएगी जो मानसिक उलझन देगी शनि की पूजा जप शांति से लाभ मिलेगा।।

मीन राशि वा लग्न वालों को- नवम भाव का गुरु अनुकूल परिस्थितियों के साथ आपके द्वारा किए जा रहे समस्त कार्यों का परिणाम अच्छा एवं प्रशंसनीय होगा किसी नए पद अथवा अधिकार की प्राप्ति हो सकती है यज्ञ दान धर्म में तथा तीर्थाटन में रुचि होगी घर में मांगलिक कार्य होंगे4 नवंबर से बृहस्पति कुछ हल्का पड़ जाएगा कार्य में विलंब होने लगेगा उत्साह में कमी 23 जनवरी से शनि उत्तम लाभकारी होगा उम्मीद से भी ज्यादा लाभ के अवसर आएंगे जमीन वाहन के भी योग बनेंगे गुरु पूजा जप दान हितकर रहेगा।।

गुरु राशि - वर्षारम्भ से 4 नवम्बर तक बृश्चिक राशि में रहेगें बृष कर्क तुला मकर मीन राशि को शुभ मिथुन कन्या वृश्चिक कुंभ राशि को मध्यम मेष सिंह धनु राशि वालों को अशुभ

4 नवम्बर2019 से मेष मिथुन सिंह वृश्चिक राशि वालों को शुभ कर्क तुला धनु मीन मध्यम बृष कन्या मकर राशि वालों को अशुभ रहेंगे।

शनि राशि वर्षारम्भ से 23 जनवरी 2020 तक धनु राशि में, बृश्चिक धनु मकर की साढ़ेसाती बृष कन्या की ढैया

23 जनवरी के बाद धनु मकर कुंभ राशि की साढ़ेसाती मिथुन तुला राशि की ढैया रहेगी

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्।। ॐपूर्णमदः पूर्णमिदम् पूर्णात् पूर्णमुदच्यते|पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते||ॐ शान्तिःशान्तिःशान्तिः||

पं.अनन्त पाठक

ज्योतिष वास्तु कर्मकाण्ड भागवत

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