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इंडियन नेवी डे: 45 साल पहले नौसेना ने कराची हार्बर को कर दिया था तबाह, जानिए क्‍या था 'ऑपरेशन ट्राइडेंट'

इंडियन नेवी डे: 45 साल पहले नौसेना ने कराची हार्बर को कर दिया था तबाह, जानिए क्‍या था

भारतीय नौसेना दुनिया भी सबसे खतरनाक नौसेनाओं में से एक हैं। हिंद महासागर में उनकी मारक क्षमता सबसे ज्‍यादा है। नेवी ने अपनी यह पहचान दशकों की मेहनत से बनाई है, कि आज उसका जिक्र ही दुश्‍मनों के दिल में खौफ पैदा कर देता है। आज (04 दिसंबर) को भारतीय नौसेना दिवस है। वह दिन, जब हमारी सेना 4 दिसंबर, 1971 की रात को लॉन्‍च हुए 'ऑपरेशन ट्राइडेंट" को याद करती है, जिसमें कराची हार्बर को पूरी तरह तबाह कर दिया गया था। इस ऑपरेशन से पाकिस्‍तानी नौसेना को भारी नुकसान पहुंचा था और वह किसी भारतीय नौसेना बेस पर हमला करने की क्षमता खो बैठी थी। इस ऑपरेशन में भारतीय नौसेना ने पहली बार एंटी-शिप मिसाइल्‍स का इस्‍तेमाल किया था। इस ऑपरेशन के तुरंत बाद ऑपरेशन पॉयथन लॉन्‍च कर दिया गया, जिससे पाकिस्‍तानी नौसेना की कमर तोड़ दी गई। ऑपरेशन में पाकिस्‍तान ने एक मिनीस्‍वीपर, एक डिस्‍ट्रॉयर, एक कार्गो जिसमें गोला-बारूद था, और कराची के ईंधन संग्रह करने वाले जहांज खो दिए थे। एक और डिस्‍ट्रॉयर को बुरी तरह तबाह कर दिया गया, बाद में उसे स्‍कैप करना पड़ा। भारतीय नौसेना इस ऑपरेशन की याद में हर साल 4 दिसंबर नेवी डे मनाती है।

प्‍लान के मुताबिक, 4 दिसंबर 1971 को नौसेना कराची के दक्षिण में ऐसी जगह पोजिशन सेट की, जहां से वह पाकिस्‍तानी एयरफोर्स की रेंज में नहीं थे। तब पाकिस्‍तानी एयरक्राफ्ट्स के पास रात में बमबारी करने की क्षमता नहीं थी, भारतीय नेवी ने इसका फायदा उठाया। हमला करने के लिए रात से सुबह के बीच का वक्‍त चुना गया। पाकिस्‍तान में रात के 10.30 बजते ही, अपनी पोजिशन बदली और अपने लक्ष्‍य को निशाने पर लिया। आईएनएस नीरघाट ने पीएनएस खाईबार पर हमला किया। इस धमाके के बाद पाकिस्‍तानी नौसेना के बीच अफरातफरी मच गई, जानकारी भेजी गई मगर को-ऑर्ड‍िनेट्स गलत भेजे गए जिस वजह से पाकिस्‍तानी नेवी की राहत टीम नहीं पहुंच सकी। खाईबार अभी भी पानी पर था, इसलिए आईएनएस नीरघाट ने एक बार और हमला किया। आखिरकार यह जहाज और इसके साथ 222 नाविक भी डूब गए।

11 बजे, आईएनएस निपट ने दो स्टिक्‍स मिसाइल्‍स के लिए जरिए पाकिस्‍तान की दो कार्गो शिप उड़ा दीं। इनमें पाकिस्‍तानी सेनाओं के लिए गोला-बारूद भरा था, जिससे धमाके पर धमाके हुए। इसके बाद 11.20 पर आईएनएस वीर ने पीएनएस मुहाफिज़ पर हमला किया और वह जहाज सिग्‍नल भेज पाने से पहले ही 33 नाविकों के साथ डूब गया।

इस दौरान, आर्इएनएस निपट ने कराची की तरफ बढ़ना जारी रखा और केमारी ऑयल स्‍टोरेज टैंक्‍स पर हमला बोला। कराची हार्बर के ऑयल टैंक्‍स पर निशाना साधा और पूरी तरह बर्बाद कर दिया। कराची हार्बर को तहस-नहस करने के बाद भारतीय नौसेना विजेता की तरह वापस लौट आई।


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