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  • अदभुत विचारक,आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।

    अपनी तेजस्वी वाणी के जरिए पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का डंका बजाने वाले स्वामी विवेकानंद ने केवल वैज्ञानिक सोच तथा तर्क पर बल ही नहीं दिया, बल्कि धर्म को लोगों की सेवा और सामाजिक परिवर्तन से जोड़ दिया। स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। 1884 में उनके पिता...

  • शुक्रिया कैसे करू तुम्हारा....

    शुक्रिया कैसे करू तुम्हारा, पर चाहता बहुत हूँ,शाम थी पहलु में तुम्हारे कल, सच कहता हूँ। शुक्रिया कैसे करू तुम्हारा पर चाहता बहुत हूँधड़कने थमीं थी तुमको पाकर अपने पास ,हाथो में हाथ था तुम्हारे, और लब पर थी एक प्यास।देखती रही नज़र बस तुमको ही ए सनम ,जैसे रहा हो शबर इनको कई जन्मों जनम।शुक्रिया कैसे...

  • सारा दिन मोबाइल पर हो रहा खर्च, टेढ़ी हो रही रीढ़ की हड्डी

    नई दिल्ली । यदि आप लंबे समय तक स्मार्टफोन और टेबलेट्स पर काम कर रहे हैं या किसी वजह से इसके संपर्क में बने रहते हैं तो ये खबर आपके काम की है। इस खबर को ध्यान से पढ़े और इससे कुछ सीख लें अन्यथा आने वाले कुछ सालों में आपको मिलने वाली समस्याओं का अंत नहीं होगा। आपकी आंखों के साथ-साथ गर्दन पर पीछे की...

  • तेज धूप से लड़ने की ताकत देगा सत्तू, इसके 5 फायदे

    इन सब चीजों से आपको कुछ देर राहत तो मिलती है, लेकिन गर्मी में सुकून नहीं है. गर्मियों में सत्तू बहुत फायदेमंद होता है. सत्तू में फाइबर और कार्बोहाइड्रेट होता है. सत्तू की तासीर ठंडी होती है और इसके कई फायदे होते हैं. 1. गर्मी में तेज धूप के कारण पूरा बदन पसीने में तर रहता है जिससे शरीर में पानी...

  • उन्नीस बच्चों की मृत्यु पर विरोध जता के चुप हो चुके हम...

    सूरत में उन्नीस बच्चों की मृत्यु पर विरोध जता के चुप हो चुके हम। लोकतंत्र में जनता का कर्तव्य वोट दे लेने तक और अधिकार किसी दुर्घटना/अपराध का विरोध कर लेने तक ही सीमित होता है। पिछले सत्तर वर्षों से हम यही करते आये हैं और आगे भी यही करते रहेंगे। हममें कोई परिवर्तन नहीं होगा। बात तनिक कटु...

  • .....माँ.....

    तस्वीर देखिये। बच्चे को दूध पिलाती माँ! माँ का चेहरा देखिये, क्या आपको लगता है कि उसकी छाती में छटाक भर भी दूध होगा? चेहरा बता रहा है कि दुखों ने उसके शरीर से खून-पानी-दूध सब चूस लिया है। कितने दिनों से उसके पेट मे अन्न का एक दाना भी नहीं गया है, कहा नहीं जा सकता। फिर भी वह दूध पिला रही है।...

  • दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शक्तिपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर!

    प्रेम शंकर मिश्र...झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर मां छिन्नमस्तिके का यह मंदिर है। रजरप्पा के भैरवी-भेड़ा और दामोदर नदी के संगम पर स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर आस्था की धरोहर है। असम के कामाख्या मंदिर के बाद दुनिया के दूसरे सबसे बड़े शक्तिपीठ के रूप में विख्यात मां...

  • आज नृसिंह जयंती : श्रीहरि विष्णु के उग्र और शक्तिशाली अवतार

    भगवान नृसिंह, श्रीहरि विष्णु के पांचवे अवतार हैं. अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लिया था. इनका प्राकट्य खम्बे से गोधूली वेला के समय हुआ था. भगवान नृसिंह, श्रीहरि विष्णु के उग्र और शक्तिशाली अवतार माने जाते हैं. इनकी उपासना करने से हर प्रकार के संकट और दुर्घटना से...

  • ज्योतिष में बृहस्पति का क्या है महत्व, क्या होता है जब बृहस्पति का बुरा असर व्यक्ति पर पड़ने लगता है ?

    नवग्रहों में बृहस्पति को गुरु और मंत्रणा का कारक माना जाता है. पीला रंग, स्वर्ण, वित्त और कोष, कानून,धर्म,ज्ञान,मंत्र,ब्राह्मण और संस्कारों को नियंत्रित करता है. शरीर में पाचन तंत्र,मेदा और आयु की अवधि को निर्धारित करता है.पांच तत्वों में आकाश तत्त्व का अधिपति होने के कारण इसका प्रभाव बहुत ही...

  • शंकराचार्य जयन्ती पर विशेष:- (प्रेम शंकर मिश्र)

    अद्वैत वेदांत दर्शन के प्रवर्तक, सनातन धर्म के पुनरुद्धारक, प्राचीन बृहत् (अखण्ड) भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक एकता के संस्थापक साक्षात भगवान शंकर के स्वरूप आदि शंकराचार्य के जन्मोत्सव की सभी सनातन धर्मानुरागी जनों को कोटि-कोटि बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं।आदि शंकराचार्य का जन्म वर्तमान...

  • आदि शंकराचार्य जयंती : आदि शंकराचार्य कौन थे, चार मठों की अहम जानकारी

    सनातन संस्कृति के उत्थान और हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार का श्रेय आदि गुरु शंकराचार्य को दिया जाता है। धर्मगुरू और प्रचारक उन्हे शिव अवतार भी मानते हैं। वेद-शास्त्रों के ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उन्होंने देशभऱ की यात्रा की और जनमानस को हिंदू धर्म और संस्कारों के बारे में बताया। उनके दर्शन...

  • माँ पीताम्बरा { प्राकट्योत्सव } जयंती... : प्रेम शंकर मिश्र

    वैशाख शुक्ल अष्टमी को देवी बगलामुखी का अवतरण दिवस कहा जाता है जिस कारण इसे मां बगलामुखी जयंती के रूप में मनाया जाता है. इस वर्ष 2019 में यह जयन्ती 12 मई , को मनाई जाएगी. इस दिन व्रत एवं पूजा उपासना कि जाती है साधक को माता बगलामुखी की निमित्त पूजा अर्चना एवं व्रत करना चाहिए. बगलामुखी जयंती पर्व देश...

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