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  • दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शक्तिपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर!

    प्रेम शंकर मिश्र...झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर मां छिन्नमस्तिके का यह मंदिर है। रजरप्पा के भैरवी-भेड़ा और दामोदर नदी के संगम पर स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर आस्था की धरोहर है। असम के कामाख्या मंदिर के बाद दुनिया के दूसरे सबसे बड़े शक्तिपीठ के रूप में विख्यात मां...

  • आज नृसिंह जयंती : श्रीहरि विष्णु के उग्र और शक्तिशाली अवतार

    भगवान नृसिंह, श्रीहरि विष्णु के पांचवे अवतार हैं. अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लिया था. इनका प्राकट्य खम्बे से गोधूली वेला के समय हुआ था. भगवान नृसिंह, श्रीहरि विष्णु के उग्र और शक्तिशाली अवतार माने जाते हैं. इनकी उपासना करने से हर प्रकार के संकट और दुर्घटना से...

  • ज्योतिष में बृहस्पति का क्या है महत्व, क्या होता है जब बृहस्पति का बुरा असर व्यक्ति पर पड़ने लगता है ?

    नवग्रहों में बृहस्पति को गुरु और मंत्रणा का कारक माना जाता है. पीला रंग, स्वर्ण, वित्त और कोष, कानून,धर्म,ज्ञान,मंत्र,ब्राह्मण और संस्कारों को नियंत्रित करता है. शरीर में पाचन तंत्र,मेदा और आयु की अवधि को निर्धारित करता है.पांच तत्वों में आकाश तत्त्व का अधिपति होने के कारण इसका प्रभाव बहुत ही...

  • शंकराचार्य जयन्ती पर विशेष:- (प्रेम शंकर मिश्र)

    अद्वैत वेदांत दर्शन के प्रवर्तक, सनातन धर्म के पुनरुद्धारक, प्राचीन बृहत् (अखण्ड) भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक एकता के संस्थापक साक्षात भगवान शंकर के स्वरूप आदि शंकराचार्य के जन्मोत्सव की सभी सनातन धर्मानुरागी जनों को कोटि-कोटि बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं।आदि शंकराचार्य का जन्म वर्तमान...

  • आदि शंकराचार्य जयंती : आदि शंकराचार्य कौन थे, चार मठों की अहम जानकारी

    सनातन संस्कृति के उत्थान और हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार का श्रेय आदि गुरु शंकराचार्य को दिया जाता है। धर्मगुरू और प्रचारक उन्हे शिव अवतार भी मानते हैं। वेद-शास्त्रों के ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उन्होंने देशभऱ की यात्रा की और जनमानस को हिंदू धर्म और संस्कारों के बारे में बताया। उनके दर्शन...

  • माँ पीताम्बरा { प्राकट्योत्सव } जयंती... : प्रेम शंकर मिश्र

    वैशाख शुक्ल अष्टमी को देवी बगलामुखी का अवतरण दिवस कहा जाता है जिस कारण इसे मां बगलामुखी जयंती के रूप में मनाया जाता है. इस वर्ष 2019 में यह जयन्ती 12 मई , को मनाई जाएगी. इस दिन व्रत एवं पूजा उपासना कि जाती है साधक को माता बगलामुखी की निमित्त पूजा अर्चना एवं व्रत करना चाहिए. बगलामुखी जयंती पर्व देश...

  • शिव और विष्णु के संयुक्त अवतार हैं भगवान परशुराम।

    पं. अनन्त पाठक भगवान परशुराम भार्गव वंश में जन्मे विष्णु के छटे अवतार हैं। उनका जन्म त्रेतायुग में हुआ था। पौराणिक वृत्तांतों के अनुसार उनका जन्म भृगु श्रेष्ठ महर्षि जमदग्नि द्वारा संपन्न पुत्रेष्टि यज्ञ से प्रसन्न देवराज इंद्र के वरदान स्वरूप पत्नी रेणुका के गर्भ से वैशाष शुक्ल तृतीया को हुआ...

  • त्रिदेवों में से महादेव को क्यों बताया गया है मुख्य : प्रेम शंकर मिश्र

    भगवान शिव महादेव को देवों के देव कहा गया है, इन्हें भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है। वहीं तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से जाना जाता है। शिव हिन्दू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक हैं। वेदों में शिव को रुद्र कहते है। शिव व्यक्ति की चेतना के सूत्रधार कहे जाते हैं।...

  • सुचिता के नाम पर मोदी जी को गाली देने वाले स्वयं सुचिता भूल रहे हैं

    नरेंद्र मोदी जी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गाँधी को 'भ्रष्टाचारी' कह दिया, इसके लिए वे खूब गालियाँ सुन रहे हैं। इसमें सबसे मजेदार यह है कि सुचिता के नाम पर मोदी जी को गाली देने वाले स्वयं सुचिता भूल रहे हैं। फिर भी, मुझे लगता है मोदी जी के लिए यह बहुत अच्छी बात है। यह वह देश है जहाँ...

  • आज है शनि अमावस्या, शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय

    अमावस्या की तिथि शनिवार को पड़ रही है. जिसे धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है. शनिवार के दिन अमावस्या पड़ने को शनैश्चरी अमावस्या के नाम से पहचाना जाता है. बता दें, इस बार शनैश्चरी अमावस्या 4 मई को पड़ रही है. यह दिन शनि देव की उपासना के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. कहा जाता है कि इस...

  • बढ़ते शहरीकरण के कारण जंगल कटे, हाथी मनुष्य पर आक्रमक हो गये

    असम, झारखण्ड समेत ऐसी कई जगहें, जो जंगल के करीब हैं उन जंगलों में बड़ी संख्या में हाथी या यूं कहें कि झुंड में हाथी पाये जाते है। यदि विगत कई वर्षों में आप गौर करें, तो आप पायेंगे कि जंगल से सटे शहरों में हाथी समूह के आतंक की घटना खूब बढ़ी हैं।शहर में घुसकर हाथी के झुंड का आतंक मचाना अब आम बात है।...

  • आद्य जगद्गुरु भगवान शंकराचार्य जी की जयंती 9 मई को मनाई जायगी

    प्रेम शंकर मिश्र आदि शंकराचार्य एक महान हिन्दू दार्शनिक एवं धर्मगुरु थे. आदि शंकराचार्य जी का जन्म 788 ईसा पूर्व केरल के कालड़ी में एक नंबूदरी ब्राह्मण परिवार में हुआ था. इसी उपलक्ष में वैशाख मास की शुक्ल पंचमी के दिन आदि गुरु शंकराचार्य जयंती मनाई जाती है. इस वर्ष आद्यगुरू शंकराचार्य जयंती 9 मई...

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