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  • 100% डिफेंस में FDI का राज-- ( धीरेन्द्र कुमार दुबे)

    साल 2012 में हुई फ्रांस से 54 हज़ार करोड़ रुपयों की डील की तहत 126 राफेल विमान खरीदनेवाले भ्रष्टाचारी थे (हो सकते हैं) जिसके तहत 18 बने-बनाये विमान फ्रांस देती और 108 विमानों को "हिंदुस्तान अरनॉटिक्स लिमिटेड" नामक सरकारी कंपनी फ्रांस के साथ मिलकर बनाती जिससे एक एक-एक विमान की कुल कीमत 540 करोड़ रुपये...

  • राष्ट्रपति की 'क्षमादानशक्ति'की न्यायिक व्याख्या (धीरेन्द्र कुमार दुबे)

    ►-संविधान के अनुच्छेद 72 के अंतर्गतनिहित क्षमादान इत्यादि की शक्ति राष्ट्रपति का कोई दया का मामला नहीं है बल्कि यह देश की जनता द्वारा उनमें विश्वास के रूप में निहित किया गया एक सांविधानिक कर्त्तव्य है। मृत्युदंड के निष्पादन में अत्यधिक, अनावश्यक और अतार्किक विलंब अमानवीय तथा कैदी को यातना देने के...

  • ठहरी हुई संसद By: D.K dubey

    कुछ विपक्षी दल जिस तरह संसद में हंगामा करने के लिए आमादा हैं, उसे देखते हुए इसके आसार कम ही हैं कि इस सत्र के शेष दिनों में लोकसभा अथवा राज्यसभा में कोई कामकाज हो सकेगा। यह सामान्य बात नहीं कि संसद लगातार 21वें दिन भी नहीं चली। विपक्षी दल संसद में कोई कामकाज न होने देने के लिए किस तरह अड़े हैं, इसका...

  • जाति व्यवस्था समाज की सच्चाई है, इससे हम मुह नही मोड़ सकते : आराध्या शुक्ल

    पिछले कई दिनों से sc/st एक्ट में हुए बदलाव ;उसके प्रतिरोध और अंततः भारत बंद के दौरान हुई हिंसक घटनाओ के बाद मेरे प्रिय शुभम का आग्रह था कि मैं भी इस पर कुछ प्रतिक्रिया दूँ हालांकि मसला देश की सर्वोच्च अदालत से जुड़ा है और मै भी सरकारी व्यवस्था में बंधा हूँ इस नाते मेरे कुछ भी कहने बोलने का कोई...

  • लोहिया की धारा के जनपक्षधर व्यक्तित्व: रमाशंकर कौशिक

    सामयिक परिस्थितियों में जब देश की मौजूदा राजनीति में नेताओं की विश्वसनीयता लगातार प्रभावित हो रही है।ऐसे में जमीनी और जनहित के मुद्दों पर बात करने वाले लोहिया की विचारपरम्परा के नायकों को जानना और समझना सामयिक जरूरत है।जिससे जहाँ एक ओर इन नायकों के जीवनवृत्त से अन्याय का विरोध करने की प्रेरणा...

  • भारत पर बढ़ा विदेशी कर्ज, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े! (धीरेन्द्र कुमार दुबे)

    भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों का विभाग हर वर्ष सितम्बर और दिसम्बर में समाप्त तिमाहियों के दौरान भारत के विदेशी ऋण पर तिमाही आंकड़ों का संकलन करने के साथ-साथ उन्हें जारी करता रहा है। दिसम्बर 2017 के आखिर में भारत के विदेशी ऋण की स्थिति कितनी है इसके बारे में पत्र एवं सूचना कार्यालय...

  • जनेऊ पहनने के 9 लाभ... : ओम नारायण त्रिवेदी

    जनेऊ को हर उस हिन्दू को धारण करना चाहिए जो मांस और शराब को छोड़कर सादगीपूर्ण जीवन यापन करना चाहता है। हम यहां जनेऊ पहनने के आपको लाभ बता रहे हैं। जनेऊ के नियमों का पालन करके आप निरोगी जीवन जी सकते हैं। 1.जीवाणुओं-कीटाणुओं से बचाव :जो लोग जनेऊ पहनते हैं और इससे जुड़े नियमों का पालन करते...

  • लोहिया विचार के संगठनकर्ता: बद्री विशाल पित्ती

    अभी पिछले हफ्ते देश-दुनिया में लोहिया के जन्मदिन अवसर पर समाजवादी आन्दोलन और विचारधारा पर कई प्रकार के विमर्श हुए.लोहिया साहित्य पढ़े जाने और समाज की सामयिक समस्याओं का समाधान लोहिया विचार से होने के सुझावों की भरमार हो गयी थी.लेकिन जिस व्यक्ति के प्रयास से आज हम लोहिया के विचारों को पढ़ और सुन पाए...

  • हाजी मोहम्मद उस्मान एडवोकेट के कलम से हज़रत ख्वाज़ा मोईनुद्दीन चिश्ती, संजरी अजमेरी रहमतुल्लाह तआला अलैह के बारे में

    आप के अल्क़ाब:- 'ख्वाजा गरीब नवाज' 'हिन्दुल वली' 'अता-ऐ-रसूल सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम' खास हैं। आप की विलादत मुल्क असफहान के शहर खुरासान के करीब संजर में सन् 530 हिजरी (1136 ई0) में हुई।आपके वालिद का नाम ख्वाजा #सैय्यदगयासुद्दीन बिन अहमद हसन रहमतुल्लाह अलैह है जो हुसैनी सय्यद हैं।वालिदा का नाम...

  • सीतापुर के जाने माने स्तंभकार, जगदीश शुक्ला के निधन पर विशेष ...: आराध्य शुक्ल

    1988 की एक गर्म दोपहर बिसवां के तत्कालीन चेयरमैन रहे अब्दुल अतीक खान का एक अनुचर मुझे बुलाने आया ,उस दौर तक मै कई साप्ताहिक पत्रो में लेखन का काम करता था,चेयरमैन साहब के उस छोटे से कमरे में 2 लोग बैठे हुए थे उनका परिचय कराते हुए मुझसे कहा गया कि निस्पक्ष प्रतिदिन समाचार पत्र सीतापुर से शुरू होने...

  • आदिशक्ति माँ दुर्गा का पौराणिक स्वरूप :-

    विश्वजननि पराशक्ति श्रीदुर्गा से ही शब्द एवं सृष्टि की उत्पत्ति हुयी है. शक्ति ने जब स्फूर्ति रूप धारण किया तब परमतत्व भगवान शिव ने उसमें तेजरूप से प्रवेश किया और इसप्रकार बिन्दु का प्रादुर्भाव हुआ. इसीप्रकार, जब शिव में शक्ति का प्रवेश हुआ तब नारीतत्व या नादतत्व व्यक्त हुआ. इन्हीं दोनों तत्वों...

  • लोहिया, भगत सिंह और हमारा समय

    23मार्च भगत सिंह का शहादत दिवस है तो लोहिया जी का जन्मदिवस । डॉ लोहिया ने इस दिन को बलिदान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय किया था। भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव को इसी दिन लाहौर जेल में फांसी दी गई थी। समूचे देश में अंगरेजों के विरुद्ध आक्रोश का उफान था। लोहिया जी कहते थे कि यह जन्मदिन मनाने से...

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