Read latest updates about "लेख" - Page 1

  • समलैंगिकता अप्राकृतिक है, एक ही पैर का चप्पल है.

    विपरीत ध्रुवों में आकर्षण एवं समान ध्रुवों में प्रतिकर्षण, विज्ञान अपनी किताबों में दर्ज करके बैठा है.. वैसे आपने विज्ञान के इस सिद्धांत की पुष्टि चुम्बक पर अवश्य किया होगा। वैसे मैं विपरीत की बात तो नहीं करूंगा लेकिन जब आप चुम्बक के समान ध्रुव को आपस में मिलाते हैं तो चुम्बको में कुछ विचित्र...

  • धारा 377 को लेकर भय क्यों? इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं। फिर उनसे कैसा खतरा?"

    धारा 377 को लेकर बवाल करने वाले बवालियों की बात मुझे समझ नहीं आ रही। बवालीगण कह रहे हैं कि समलैंगिक सम्बन्ध बहुत बुरे होते हैं। कोर्ट ने इसे मान्यता दे दी तो बहुत बुरा होगा। मैं कहता हूँ, यही एक काम है जिसमें कुछ हो ही नहीं सकता, इसमें अच्छा या बुरा कहाँ से आ गया? दोनों पक्ष कितना भी प्रयास कर लें,...

  • हनुमान जी की महिमा:- ( अंजनी मिश्रा)

    हिंदू धर्म में हनुमान जी को सर्व शक्तिमान और प्रभु श्रीराम का परम भक्त माना जाता है । जो कि रामायण महाकाव्य जैसे महाग्रंथ के प्रमुख पात्र से एक है । ऐसी अनुश्रुति है कि हनुमान जी, भगवान शंकर के ग्यारहवें अवतार थे । जिन्हें रुद्रावतार भी कहा जाता है । हनुमान जी का शरीर वज्र की भांति बलशाली और मजबूत...

  • शनि ने बदली चाल, जानें क्या होगा आपकी राशि पर असर

    शनि अभी तक धनु राशि में मौजूद हैं. शनि यहाँ पर वक्री अवस्था में हैं. अब शनि 7 सितंबर से मार्गी हो गये . शनि की चाल अब धनु राशि में सीधी रहेगी. इससे शनि का प्रभाव ज्यादा शक्तिशाली हो जाएगा. शनि अब एक साथ कई राशियों को प्रभावित करेगा. एकदम से बदलाव आना आरम्भ हो जाएगा.मेष- रुके हुए काम पूरे होंगे ...

  • कृष्ण को फिर से आना ही होगा : सी ० पी ० राय

    आज कृष्ण को फिर से आना ही होगा| अब कब आयेंगे कृष्ण ?.वो कब मानेंगे की पाप का घड़ा भर गया ?कब मानेंगे की समाज व्यवस्था को गालियों की संख्या सौ नही करोडो से ज्यादा हो चुकी है ?कब मानेंगे की एक द्रोपदी नही बल्कि रोज कही ना कही हजारो द्रोपदियों का चीरहरण हो रहा है ?अब कब मानेंगे की चारो तरफ...

  • कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष: (अंजनी मिश्रा)

    भगवान श्री कृष्ण का व्यक्तित्व भारतीय इतिहास के लिये ही नहीं, विश्व इतिहास के लिये भी अलौकिक एवम् आकर्षक व्यक्तित्व है और सदा रहेगा | उन्होंने विश्व के मानव मात्र के कल्याण के लिये अपने जन्म से लेकर निर्वाण पर्यन्त अपनी सरस एवं मोहक लीलाओं तथा परम पावन उपदेशों से अन्तः एवं बाह्य दृष्टि द्वारा जो...

  • साहित्य और समाज :- ( अंजनी मिश्रा)

    साहित्य कुछ ताजगी और मन प्रेरक के लिए लिखा है कि इसका मतलब है। यह विचारों और महान दिमाग के भावनाओं को रिकॉर्ड करता है। यह दो मायनों में आकर्षित करती — इसकी बात के माध्यम से और के माध्यम से अपने तरीके से। ऐसी है कि जो लोग इसे पढ़ा कुछ रास्ते में रुचि रखते हैं इस मामले होना चाहिए। तरीके से इस तरह...

  • टूटना नाखून ही है...रिवेश प्रताप सिंह

    ऐसे मुठ्ठी भर लोग हर कालखंड में पैदा होते हैं कि जब पूरा देश एक स्वर में डूबा हो तो उस वक्त उनके होठ, जिह्वा, तालु और कंठ में कुछ वक्राकार तरंगें मचलने लगतीं हैं। देश जिस वक्त श्रद्धांजलि में झुका रहता है तो उस वक्त वो आलोचना के पहाड़ पर बैठकर आलोचना के पत्थर लुढ़काते रहते हैं। दरअसल ऐसे लोग न तो...

  • जनता के बीच हार चूकी भाजपा का ई वी एम ही सहारा, बैलेट से हों आम चुनाव 2019

    झूठ बोलकर जुमलेबाजी के दम पर सत्ता पर काबिज होने वाली भाजपा जनता के बीच हार चुकी है जनता भाजपा के झूठ,धोखे व जुमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है स्वतंत्र भारत के इतिहास में इतना बड़ा झूठ किसी सरकार ने नहीं बोला जितना बड़ा झूठ भारतीय जनता पार्टी ने देश व जनता से बोला ! भाजपा ने अपने झूठ को...

  • वीर सपूत शहीद उधमसिंह जी के कुर्बानी दिवस 31-JULY पर कोटि-कोटि नमन

    सरदार उधम सिंह (26 दिसम्बर 1899 से 31 जुलाई 1940) का नाम भारत की आज़ादी की लड़ाई में पंजाब के प्रमुख क्रान्तिकारी के रूप में अमर है। उन्होंने जलियांवाला बाग कांड के समय पंजाब के गर्वनर जनरल रहे माइकल ओ' ड्वायर(en:Sir Michael Francis O'Dwyer) को लन्दन में जाकर गोली मारी और निर्दोष लोगों की हत्या का...

  • लग गया है सूतक...चंद्रग्रहण के दौरान न करें ये काम

    सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse) आज रात लगने वाला है। यह ग्रहण रात 11.54 से शुरू होकर अगले दिन 28 जुलाई सुबह 3.49 तक रहेगा, यानी यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। जिसकी अवधि 3 घंटे 55 मिनट तक है। आज रात ग्रहण शुरू होने से पहले दोपहर 02:54 बजे से सूतक काल शुरू हो गया है। 28 जुलाई तड़के 03: 49...

  • हिंदू धर्मग्रंथों का सार, जानिए किस ग्रंथ में क्या है?... : प्रेम शंकर मिश्र

    अधिकतर हिन्दुओं के पास अपने ही धर्मग्रंथ को पढ़ने की फुरसत नहीं है। वेद, उपनिषद पढ़ना तो दूर, वे गीता तक को नहीं पढ़ते जबकि गीता को 1 घंटे में पढ़ा जा सकता है। हालांकि कई जगह वे भागवत पुराण सुनने या रामायण का अखंड पाठ करने के लिए समय निकाल लेते हैं या घर में सत्यनारायण की कथा करवा लेते हैं। लेकिन...

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