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  • सामाजिक-आर्थिक सेक्टर : बढ़ेगी खुशहाली (धीरेन्द्र कुमार दुबे)

    वर्ष 2019 में भारत की आर्थिक संभावनाओं पर प्रकाशित हुई कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्टों में कहा गया है कि आर्थिक चुनौतियों के बीच भी 2018 की तुलना में 2019 में भारत का आर्थिक परिदृश्य बेहतर होगा। वर्ष 2019 में भारत में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का आकार बढ़ेगा। परिणामस्वरूप भारत की...

  • नवार्ण मन्त्र रहस्य : प्रेम शंकर मिश्र

    'ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाये विच्चे' साधक जन ये जाने की इस मन्त्र का अर्थ क्या है । एक एक वर्ण का अर्थ लिख रहा हूँ । ऐं -------- यह ज्ञान प्रदात्री सरस्वती का बीज मन्त्र है । गुरु बीज मन्त्र भी है । इसे वाक् बीज भी कहते है । वाणी की अधिदेवता अग्नि है, सूर्य तेज रूप अग्नि ही है ।...

  • श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के अनुसार, जीवन को सफल बनाने के दस नियम

    प्रेम शंकर मिश्र आज हम आपको देवीभागवत पुराण में मां दुर्गा द्वारा बताये गये दस ऐसे नियमों के बारे में बतायेंगे जो जीवन को सफल बनाने के लिये अत्यंत उपयोगी हैं!मनुष्य को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इसका वर्णन कई ग्रंथों और शास्त्रों में पाया जाता है। इन बातों को समझ कर, उनका पालन करने पर...

  • एक जनवरी 2019  रंगकर्मी सफदर हाशमी की तीसवें शहादत दिवस पर विशेष 

    ' सफदर हाशमी निसंदेह नुक्कड़ नाटक के योद्धा थे। उन्होंने अपनी स्वतंत्र कला को आकार दिया पर, पार्टी लाइन पर ज्यादा काम करना उनके लिये और कला के लिहाज से बेहतर नहीं था क्योंकि, कलाकार आजाद होता है और उसकी अपनी सामाजिक-राजनीतिक गाइड लाइन होती है। मेरी समझ से जो शायद सफदर हाशमी में नहीं थी। फिर भी, आज...

  • "प्रेम..." ...सर्वेश तिवारी श्रीमुख

    अच्छा सुनो न! दिसम्बर जा रहा है... जाता हुआ दिसम्बर हर बार तुम्हारी याद बढ़ा के जाता है। तुम भी दिसम्बर की तरह ही चली गयी थी न एक दिन! तुम और दिसम्बर दोनों एक से ही हैं। मैं न तुमको रोक पाया था, न दिसम्बर को रोक पाता हूँ.. और रोकना भी क्यों? तुम जा कर भी मुझसे दूर हो सकी हो क्या? दिसम्बर भी...

  • बांग्लादेश चुनाव : भारत के लिए बेहद अहम (धीरेन्द्र कुमार दुबे)

    पड़ोसियों के साथ हमारे सौहार्दपूर्ण संबंध न केवल शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की आास्ति जगाते हैं, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक-आर्थिक उन्नयन की दिशा में सहज गतिशीलता के भी कारक होते हैं। शायद इसीलिए 30 दिसम्बर को बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव भारत के लिए भी महत्त्वपूर्ण हैं। सच है कि बांग्लादेश के...

  • अपना गौरवशाली इतिहास भूलती आज की युवा पीढी : (आलोक पांडेय, सहारनपुर)

    सन 1699 और सन 1704 , स्थान आनंदपुर ,अजीत सिंह जुझारू सिंह फतेह सिंह जोरावर सिंह गुरू गोविन्द सिंह जी के चार पुत्र दो तो क्रमशः 7 और 9 साल के मात्र । औरंगजेब सेना ने आक्रमण किया और पराजित हो कर पुनः आक्रमण किया कई दिनो के पश्चात भी सफलता न मिलने पर कुरान की शपथ लेकर गुरू जी को सुरक्षित निकलने के...

  • मैदानोें से क्यों अलग होती हैं पहाड़ों की आपदाएं:- (धीरेन्द्र कुमार दुबे)

    पहाड़ों में प्राकृतिक आपदा क्षति मूल्यांकन और उस पर आधारित प्रभावितों के लिए आर्थिक व पर्यावरणीय भरपाई, एक सीधी गणित नहीं हो सकती है। वहां व्यक्तियों, समुदायों और परिवारों की प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भरता, मैदानों की अपेक्षा ज्यादा होती है। यह बाहरी जगत से मुश्किल संपर्क-संबध और आर्थिक कमजोरियों...

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