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  • नशा है नाश का जरिया.....: वासुदेव यादव

    विश्व धूम्रपान निषेध दिवस अथवा 'विश्व तम्बाकू निषेध दिवस' अथवा 'अंतर्राष्ट्रीय तंबाकू निषेध दिवस' प्रत्येक वर्ष 31 मई को मनाया जाता है। तम्बाकू से होने वाले नुक़सान को देखते हुए साल 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सदस्य देशों ने एक प्रस्ताव पारित किया, जिसके द्वारा 7 अप्रैल , 1988 से...

  • पुरुषोत्तम मास पौराणिक महत्व, क्या करें और क्या न करें

    अधिक मास को पुरुषोत्तम या मल मास, अधिमास, मलिम्लुच, संसर्प, अंहस्पति मास भी कहा जाता है. सौर वर्ष और चंद्र वर्ष में सामंजस्य स्थापित करने के लिए प्रत्येक तीसरे वर्ष में एक चन्द्रमास की वृद्धि कर दी जाती है इसी को अधिक मास कहा जाता है. इस वर्ष 16 मई 2018 ज्येष्ठ माह से अधिक मास का आरंभ होगा और 13...

  • मुरादाबाद बिलारी..मुहम्मद उस्मान ने बताई लिबास की अहमियत!लिबास पहनावा या परिधान भी कहता है बहुत कुछ!

    खुदा की बनाई तमाम मखलूक में इंसान के अशरफ या श्रेष्ठ होने की एक वजह यह भी है कि उसने लिबास का इस्तेमाल शुरू किया।इन्सान ने लिबास को पहले अपनी शर्मगाह छुपाने, मौसमों के नुकसानदेह असरात से बचाने, लड़ाई में हिफाजत या जिस्म की ज़ीनत या आराइश के लिए पहना, बाद में अलग अलग मौका और पहनने वालों के हिसाब से...

  • समय का सदुपयोग ही सफलता की कुंजी

    वासुदेव यादव समय व परिश्रम का सही उपयोग ही सफलता की कुंजी है। समय का चक्र अपनी गति से चल रहा है। अक्सर इधर-उधर कहीं न कहीं, किसी न किसी से ये सुनने को मिलता है कि क्या करें ? समय ही नहीं मिलता। वास्तव में हम निरंतर गतिमान समय के साथ कदम से कदम मिला कर चल ही नहीं पाते...

  • 'दिनकर' सत्ता के करीबी किंतु जनता से नज़दीक- पुण्यतिथि विशेष-प्रीति चौबे

    रामधारी सिंह 'दिनकर' (23 सितंबर 1908- 24 अप्रैल 1974) अपने समय के ही नहीं बल्कि हिंदी के ऐसे कवि हैं, जो अपने लिखे के लिए कभी विवादित नहीं रहे, जिंदगी के लिए भले ही थोड़े-बहुत रहे हों. वे ऐसे कवि रहे जो एक साथ पढ़े-लिखे, अपढ़ और कम पढ़े-लिखों में भी बहुत प्रिय हुए. यहां तक कि अहिंदी भाषा-भाषियों के बीच...

  • राष्ट्रमंडल : साझा भविष्य की एक गंभीर चुनौती (धीरेन्द्र कुमार दुबे)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रमंडल सरकारों के मुखों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए लंदन में हैं। इस शिखर वार्ता को सीएचओजीएम भी कहा जाता है। मोदी पहली बार इसमें शामिल होने जा रहे हैं। 53 देशों के इस समागम में भारतीय धानमंत्री को खासी तवज्जो मिल रही है। अपनी आबादी और आर्थिक बूते की बदौलत भारत...

  • हमें नाज है हिन्द पर....

    मन घृणा से भर गया है। किसी देश का सभ्य समाज इतना नीच कैसे हो सकता है, समझ नहीं पा रहा हूँ। लाशों पर रोटी कैसे सेंकी जाती है, यह इसबार दिखा दिया सब ने। भारत के राजनीतिज्ञ, भारत की मीडिया, भारत के कथित साहित्यकार, इतने घिनौने स्तर तक उतर सकते हैं, यह कल्पना में भी नहीं था। हम कह रहे हैं कि उस बच्ची...

  • शनि की वक्री मार से 5 राशियां रहें सावधान...पं अभय प्रकाश द्विवेदी

    बलिया जनपद के थम्हनपुरा ग्राम निवासी पं अभय प्रकाश द्विवेदी के अनुसार शनि वक्रे च दुर्भिक्षं रुण्ड-मुण्डा च मेदिनी। 17 अप्रैल मंगलवार से शनि वक्री हो जा रहा है गुरु पहले से ही बक्री है । उस पर मंगल और शनि की युति एवं राहु के साथ षडाष्टक योग के कारण देश एवं विश्व समाज के सामने कई विपरीत...

  • सीरिया युद्ध : कहां खड़ा है भारत! (धीरेन्द्र कुमार दुबे)

    सीरिया पर अमेरिकी हमले से स्थिति बिगड़ती जा रही है। कई विशेषज्ञ इसे तृतीय विश्व युद्ध का आगाज मान रहे हैं। पिछले दिनों लंदन जासूसी कांड और जहर देने के मसले पर रूस और पश्चिमी देशों के बीच कूटनीतिक गहमा-गहमी अभी चल ही रही थी कि इसी दौरान सीरिया की चुनिंदा जगहों पर अमेरिका द्वारा भारी बमबारी कर दी गई।...

  • सिर्फ रिवाज नहीं है विवाह (धीरेंद्र कु)

    हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने अपने एक फैसले में कहा है कि दो बालिगों की शादी में तीसरे की दखल की जरूरत नहीं है। अदालत ने साफ तौर पर कहा है कि माता-पिता, परिवार और समाज कोई भी इसमें दखल नहीं दे सकता है। यह फैसला देश में जातिगत पंचायतों की भूमिका, अंतरजातीय-अंतरधर्मी शादी करनेवाले युवाओं का उत्पीड़न...

  • वरूथिनी एकादशी व्रत विधि : विजय तिवारी.....

    हिन्दू धर्मानुसार प्रत्येक महीने की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन एकादशी व्रत किया जाता है। वैष्णव समाज और हिन्दूधर्म के लिए एकादशी व्रत महत्वपूर्ण और पुण्यकारी माना जाता है। नारदपुराण के अनुसार एकादशी का व्रत...

  • "शंखनाद"

    कागज़ के आंकड़ों से क्या इतिहास बदल दोगे ?घृणित अंश से क्या शौर्य परिभाष बदल दोगे ?हम साधित हैं ,संयमित हैं ,व्यथित अपंग नहीं ,कुत्तो की झुंड से सदियों के रंगे खास बदल दोगे ??मैं कहता हूँ वार करो , आज ही आर पार करो ये हर रोज का छिपा वार क्यों , खुला इकरार करोमलेक्षो संग तुम हरम करो , करम की...

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