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लेख - Page 1

  • "भए प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी..."

    माँ कौशल्या के आंगन में एक प्रकाश पुंज उभरा, और कुछ ही समय मे पूरी अयोध्या उसके अद्भुत प्रकाश में नहा उठी... बाबा ने लिखा, 'भए प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी...' उधर सुदूर दक्षिण के वन में जाने क्यों खिलखिला कर हँसने लगी भीलनी सबरी... पड़ोसियों ने कहा, 'बुढ़िया सनक तो नहीं गयी?' बुढ़िया ने ...

  • जल असंचयन, जल प्रदूषण : मानव का आत्मघाती कदम – प्रोफेसर योगेन्द्र यादव

    मानव जीवन में जल का महत्व किसी से छुपा नहीं है। सुबह से उठते ही वह जल का प्रयोग करने लगता है। सुबह उठने के बाद और सोने के पहले तक उसकी जितनी क्रियाएँ हैं, सभी में जल की जरूरत होती है। इसके बावजूद मनुष्य जल संचयन की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है। तालाब, पोखरे, गड्ढे, नाले, नदियां, नद सभी धीरे...

  • मजदूरों –कामगारों का मनोविज्ञान समझने में योगी – मोदी रहे नाकाम – प्रोफेसर डॉ योगेन्द्र यादव

    कोरेना महामारी से निपटने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो 21 दिनी लॉक आउट किया। उन्हें तथा उत्तर प्रदेश सहित भी मुख्यमंत्रियों सहित प्रधानमंत्री को लगा कि उनकी अपील के बाद देश के लोग जहां हैं, वहीं रुक लाएँगे। कोई घरों से बाहर नहीं निकलेगा और 21 दिन के बाद सब कुछ सामान्य हो जाएगा। लेकिन ...

  • आज बिहार के गाँवों का स्वर यही है

    (सच कहूं तो यह वो पोस्ट है जिसे लिखते समय मुझे शर्म आ रही है। आप मुझे स्वार्थी, अमानवीय, असंवेदनशील कह सकते हैं, पर सच यह है कि आज बिहार के गाँवों का स्वर यही है।)इस भीड़ को देख कर कल से बाजार में संवेदनाओ की बाढ़ आई हुई है। सब डूब उतरा रहे हैं। पर एक सच यह भी है कि बाढ़ नदियों की हो चाहे संवेदना की, डू...

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